शुक्रवार, 21 अक्तूबर 2011

संकल्प

जरुरत के पास
समय और सीमा होती है ,
पर लड़ाई के पास नहीं !!!

जब जिन्दगी की राह
हक और लड़ाई
से होकर गुजरती है
तो वह सिर्फ बहाव नही ,
धारा होती है... वेगवती
हिमस्फुलिंग उछालती !!!

और धारा कभी रूकती नहीं
बहा ले जाती बाधाओं को
तोड़ देती है चट्टानों को ,
उसे चाहिए अपना
संकल्प ! सत्य संकल्प !!

ये धारा अमर है ,
आइना दिखाती रहेगी ,
युगों युगों तक
कालिख में डूबी
कलुषित आत्माओं को !!!

कुछ सत्य संकल्पों के साथ आप सबको दीपावली की हार्दिक शुभ कामनाएं !