आखिरी गुलाब
आखिरी गुलाब .......................
सौपती हुई तुम मेरा चेहरा देखोगी ,
युद्ध के ख़त्म होने का ऐलान .....,
दिव्यता आराम और शांति की !
मेरी आखिरी नींद देखते हुए ......,
तुम मोहित सी हो जाओगी ......!
सबको दिखाओगी..कहोगी ......,
सो रही है जैसे कभी सोई नही ..!
अर्जुन की तरह बैठ जाओगी....,
रख के सारे हथियार ..उदास ...!
आखिरी गुलाब ...................,
सौपती हुई तुम बहुत कुछ कहोगी !
जन्मते ही लडकी के इर्द गिर्द ,
जहर बाँटती पूतनाओं की बातें !
लोहे के जाल बुनते ,नर्क बनाते,
गीधों कौओं की कहानियाँ ...........
दुहराओगी अपने संकल्प ...............
जैसे ही करोगी वादा अपने आप से !
पांव तले धरती खिसक जायेगी !
देख के -सब के सब अपने ही तो हैं !
आखिरी गुलाब ........................
सौपते हुए ;तुम पुकार उठोगी !!!!!
देखो ! सहती रही है ये अनवरत ,
छलावा धोखा क्रूर उपेक्षा को ...
सीमित साधनों में जीती पर
लेती थी चुनौतियां बढ़ बढ़ के ...
कहती रहती -जल में पहुंचेगे कैसे ,
काई में नहा रहे हैं .....लोग..........
थक गई है ये !अपने युद्ध से नहीं,
अच्छे लोंगो को जगाते जगाते !
आखिरी गुलाब .....................
देते हुए तुम पोंछ लोगी स्व नयन !
जब मै नहीं रहूंगी तुम्हारे साथ ,
यादें तम्हें कमजोर नहीं होने देंगी !
ये बात उभर के आएगी बार बार ,
जीने के लिए चाहिए जीने के लिए !
पॉँच गाँव जैसे पॉँच अधिकार ...
मन बुद्धि मेहनत चुनाव फैसला !
ये मिले! तो सब मुक्त हों!!जो ,
सदियों से तपित हैं शापित हैं !
आखिरी गुलाब ..................
रखते हुए तुम रोओगी तो नही न ...........
bahut sunder .....yuddh se mukti ke baad gulaab ki kalpana yaani peeda se mukti ..
प्रत्युत्तर देंहटाएंfir gira akhbaar darwaje par.........
प्रत्युत्तर देंहटाएंjaise raat giri ho...........
Usha Ji aap chupi rustam ho. Abhi to pahli kavita parhi hai. Aage dekhe kya hota hai
प्रत्युत्तर देंहटाएंBahut sundar likha apne. Shabdon ki sarthak abhivyakti.
प्रत्युत्तर देंहटाएंरक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाओं सहित-
आकांक्षा,
शब्द-शिखर
मन बुद्धि मेहनत चुनाव फैसला - आखिरी गुलाब.
प्रत्युत्तर देंहटाएंगहुत गहरे शव्द, आभार आपका.
Achcha likha hai. shubkamnayen.
प्रत्युत्तर देंहटाएंऐसी कवितायेँ पढ़ता हूँ और मुझे लगता है शायद मुझे चोट KHNE की ADAT पड़ चुकी है PATA NAHIN AISA KYON LAGTA HAI कविता केवल और केवल NARIMAN के पास होती है
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